Thursday, May 29, 2008

एक बहती हवा का झोंका


एक अरसा हुआ बहती हवा को मुँह पर महसूस किये..
आज जब फिर बह चली तो अपना वजूद याद आया..
तो वोही सिरहन मन मे उठने लगी
और हवा का सामना करने का साहस लौट आया.

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